रांची
PDS डीलरों ने 1 जनवरी से हड़ताल पर जाने की घोषणा की है। PDS डीलरों की मांग है कि गुजरात सरकार की तर्ज पर सभी डीलरों की बहाली अनुकंपा के आधार पर की जाये। मांग पूरी नहीं होने पर फेयर प्राइस एसोएशन ने 1 जनवरी से हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी है। इससे राज्य के 2.64 करोड़ गरीब जनता को राशन नहीं मिल पायेगा। बता दें कि राज्य में इस समय 6102472 कार्डधारी हैं। इनको केंद्र सरकार की योजना के तहत मुफ्त चावल और गेंहू दिया जाता है। वहीं, राज्य में इस वक्त 26 हजार डीलर हैं। एक जनवरी से ये सभी हड़ताल पर रहेंगे।

क्या हैं डीलरों की अन्य मांगें
राष्ट्रीय स्तर पर अनुकंपा की बहाली के सहित PDS डीलरों की कुल 10 मांगें हैं। इनके लिए पहले भी डीलरों ने गोलबंदी कर आंदोलन किये हैं। लेकिन मांगें पूरी नहीं की गयीं। डीलरों की मुख्य मांगों में कोरोना काल में बांटे गये राशन का बकाया कमीशन, ई-पोश मशीन में 4जी नेटवर्क की मांग और कमीशन की राशि को बढाने की मांगें हैं। बता दें कि डीलरों को 15 साल से कमीशन के रूप में प्रति किलो एक रुपये की दर से भुगतान किया जाता है। डीलर इसे तीन रुपये करने की मांग कर रहे हैं। ये डीलर केंद्र सरकार की एनएसएफए योजना के तहत अनाज का वितरण करते हैं।

झारखंड के 26 हजारी डीलर जायेंगे हड़ताल पर
झारखंड में इस समय 24 जिलों में कुल 26 हजार डीलर राशन का वितरण करते हैं। ये सभी एक जनवरी से हड़ताल पर चले जायेंगे। डीलरों की यूनियन फेयर प्राइस एसोसिएशन ने कहा है कि सरकार के बार-बार आश्वासन से डीलर अब उकता गये हैं। उनमें आक्रोश है। बताया कि एक जनवरी से शुरू हो रही हड़ताल में देशभर के लगभग 5.50 लाख डीलर अपने-अपने सेंटर बंद रखेंगे। किसी निर्णाय फैसले के बिना डीलरों की हड़ताल को समाप्त नहीं किया जायेगा।
